नई दिल्ली: आम आदमी की जेब पर एक बार फिर बोझ बढ़ा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह वृद्धि आज सुबह 6 बजे से देशभर में लागू हो गई है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। भारतीय तेल विपणन कंपनियों (Indian Oil, BPCL, HPCL) का घाटा लगातार बढ़ रहा था, जिसकी भरपाई के लिए यह कीमतों में सुधार किया गया है।
- कीमतों में वृद्धि: ₹3.00 प्रति लीटर
- लागू होने का समय: आज सुबह 6:00 AM से
- पिछली बड़ी वृद्धि: 4 साल पहले
- क्रूड ऑयल रेट: $108+ प्रति बैरल
- दैनिक नुकसान: ~₹1,000 करोड़
- पेट्रोल पर घाटा: ₹14/लीटर
- डीजल पर घाटा: ₹42/लीटर
आज के नए महानगर रेट्स (City-Wise Rates)
चूंकि ईंधन की कीमतों पर राज्य सरकारें अपना अलग-अलग वैट (VAT) लगाती हैं, इसलिए हर शहर में कीमतें अलग होती हैं। दिल्ली में अब पेट्रोल ₹97.77 पर पहुंच गया है।
| शहर | नया पेट्रोल रेट (₹) | नया डीजल रेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | 97.77 | 90.67 |
| मुंबई (Mumbai) | 106.68 | 93.14 |
| कोलकाता (Kolkata) | 108.74 | 95.13 |
| चेन्नई (Chennai) | 103.67 | 95.25 |
क्यों बढ़े दाम? अंतरराष्ट्रीय संकट का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
- मिडिल ईस्ट संघर्ष: अमेरिका-ईरान और इस्राइल-हमास संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।
- रुपये की गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर (96.07) पर जाना आयात को और महंगा बना रहा है।
- इम्पोर्ट बिल: भारत अपनी तेल जरूरत का 85% आयात करता है। क्रूड ऑयल की औसत कीमत $69 से बढ़कर $114 होने से सरकारी खजाने पर भारी दबाव पड़ा है।
क्या आगे भी बढ़ेंगे दाम?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ₹3 की यह वृद्धि तेल कंपनियों के कुल घाटे का मात्र 10वां हिस्सा है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता नहीं आती है, तो आने वाले दिनों में किश्तों में ₹10 से ₹15 तक की और वृद्धि देखने को मिल सकती है।
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